Cow Essay in Hindi for students – गाय पर निबंध हिंदी में

Essays




गाय पर लेख हिंदी में-Essays on Cow in Hindi

Cow Essays:- गाय एक घरेलू पशु है , जिसे हम गौ-माता भी कहते है। गौ-माता हिन्दुओ के लिए एक पुज्यनीय जानवर है । गांवों में हर कोई गाय को पालते है । गाय को पालने से बहुत फ़ायदे है ।

गाय एक घरेलु और पालतु पशु है और यह हमारे लिए बहुत उपयोगी है । क्योकिं यह हमारे लिए दुध देती है, जो पौष्टिक से भरपुर होती है ।

बच्चों को सामान्यत: स्कुल में गाय पर निबंध लिखने को दिया जाता है । दोस्तों तो हम यहां पर विभिन्न कक्षाओ को ध्यान में रखकर निबंध लिख रहा हुँ, आप कोई भी टोपिक को चुन सकते है ।

 गाय (Cow) पर निबंध 1 ( 100 शब्द)

गांवों में एक बहुत ही उपयोगी पशु माना जाता है। गाय को प्राय: किसान भाई पालते है । कुछ लोग गाय को केवल दुध के लिए पालते है। गाय को हम लक्ष्मी मानते है। गाय की हम पुजा भी करते है । गाय को गौ-माता मानते है । गाय स्वामीभक्त पशु होता है । गाय दुध देती है और दुध से दही, मक्खन और कई आइटम बनते है, जो हमारे स्वास्थय के लिए बहुत उपयोगी होता है । गाय गोबर देती है, जो एक बहुत ही उन्नत प्रकार के खाध होती है। गाय देश के
कई हिस्से में पाई जाती है । यह कई रंगों की होती है, जैसे-काली, स्फ़ेद, चितकबरी आदि ।



गाय (Cow) पर निबंध 2 ( 150 शब्द)

गाय हमारी माता है। हम गाय को माता मानते है। गाय लक्ष्मी होती है। गाय को हम प्रणाम करते है और आशीर्वाद मांगते है । यह चार पैरों वाला स्तनपायी जानवर होता है । गाय एक बहुत विशालकाय जानवर होता है। 

गाय देश के सभी जगहों में पाई जाती है । इसके चार पैर, एक लम्बी सी पुंछ , एक नाक , दो कान और एक आंख और बडा सा सिर होता है । यह हरीहरी घास चरती है।

गाय स्वामी भक्त होती है। यह अपने आप चरके घर जाती है। इसे जब प्यास लगती है तो वह तालाब में जाकर पानी पी लेती है । गाय बछडा देती है। इसका दुध स्वास्थयवर्धक होता है। इसका दुध बच्चे, बीमार और रोगी आदमी पीकर जल्दी स्वस्थ्य हो जाता है। इसलिए गाय हमारे लिए बहुत उपयोगी जानवर है।

हमें भी गाय के स्वास्थ्य की देखभाल भी करनी चाहिए। इसे रहने के लिए साफ़-सुथरा गौशाला देना चाहिए।  जहां बिल्कुल गंदगी न हो और हवादार हो ।

Cow Essay in Hindi for students – गाय पर निबंध हिंदी में

गाय (Cow) पर निबंध 3 ( 200 शब्द)

गाय एक घरेलु और सामाजिक प्राणी है । यह भारतबर्ष के सभी जगह पायी जाती है । गाय को चार पैर, दो आँखें, एक लम्बी सी पुंछ, दो सींग , लम्बा सा पेट और लम्बी गर्दन होती है । गाय एक विशालकाय जानवर होती है । गाय माता के समान होती है। जैसे मां बच्चों की देखभाल करती है, उसी प्रकार गाय हमारी देखभाल करती है ।

समाज के हर वर्ग के लोग गाय को पालते है। क्योकिं गाय को पालने से बहुत तरह के फ़ायदे होते है । गाय पालने से हमे पौष्टिक दुध मिलता है । गाय का दुध निरोगी होता है । गाय के दुध को बीमारी आदमी भी खा सकता है । बीमार आदमी को डॉक्टर भी गाय का दुध खाने के लिए सलाह देते है ।

गाय हमे गोबर देती है, जिससे उपले बनते है, जो जलाने के काम आते है । गाय के उपले से हम खाना पका सकते है ।

गाय को गोबर को इकट्ठा करके उसे खेत मे डाल देने से खेत उपजाउ हो जाती है। जिससे फ़सल भी अधिक आती है । गाय हमारे लिए बहुत उपयोगी है । गाय हम सबके लिए उपयोगी है ।

गाय के रखने के लिए हमे गौशाला बनाने की भी जरुरत नही होती है । गाय को आप घर के बरामदे भी बांध कर रख सकते है ।

गाय (Cow) पर निबंध 4 ( 250 शब्द)

गाय को हिन्दु धर्म मे मां का स्थान प्राप्त है। उनका ऎसा मानना है कि गाय में देवता का निवास होता है

गाय एक सीधीसाधी जानवर होता है वह एक मादा पशु होता है भारत के गांवों मे किसान बसते है और हर किसान के घर में कम से कम एक गाय जरुर होती है क्योकिं उनका मानना है गाय का दुध पीने से बच्चों का दिमाग तेज और तंदरुस्त होता है।

गाय एक पालतू पशु होता है इसे पालना एकदम आसान होता है। इसे छोटी सी जगह में भी गौशाला बना सकते है गाय हरीहरी घास खाती है ये अपने आप घास चरके घर जाती है इसके देखभाल के लिए हमे तकलीफ़ नही उठानी पडती है

गाय बछडा देती है , जो बडा होकर बैल बनता है, जिससे हम अपने खेत की जुताई कर सकते है। और गाय बाछी देअती है तो वो और एक गाय तैयार हो जाती है

गाय का दुध बीमारीरहित होती है गाय का दुध स्वास्थ्य के लिए बहुत फ़ायदेमंद है। गाय एक देवी है, इसमें देवता होते है

गाय रोजान दो टाईम दुध देती है। कई किसान गाय के दुध को बेचकर भी अपना घर का खर्च निकालते है

हमे भी गाय के स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए। इसे साफ़सुथरा स्थान पर रखना चाहिए,जहां पर मच्छर आदि नही हो

गाय अनेक रुप और रंगों में पाई जाती है लेकिन मुख्यता: काली, सफ़ेद, कॉफ़ी तथा चितकबरी आदि रंगों मे पाई जाती है गाय डकारती है गाय अपने स्वामी के आवाज सुनकर पहचान लेती है

गाय (Cow) पर निबंध 5 ( 400 शब्द)

गाय को एक पालतु और उपयोगी जानवर माना गया है लगभग सभी किसान गाय को पालते है गाय को माता मानते है और इसे गौमाता कहते है गाय को माता मानकर उसकी पुजा की जाती है

 

गाय को पालने से बहुत फ़ायदा होता है। गाय को पालने से १२ महीने के बाद बच्चा देती है गाय को प्रजनन कराने के लिए ज्यादा कही ले जाने की जरुरत नही होती है गाय का बच्चा अगर बछडी होती है तो एक और गाय तैयार हो जाती है और अगर बछडा देती है तो यह बछडा बडा होकर हल जुताई का काम आता है

गाय हमें रोजाना दो से तीन बार दुध देती है जैसी गाय को खुराक मिलती है उसी प्रकार यह हमे दुध देती है गाय के दुध से मक्खन, दही, पनीर तथा तरहतरह के मिष्टान भी बनाये जाते है गाय गोबर देती है गाय का गोबर बहुत अच्छा माना जाता है गाय के गोबर से हम अपने घरआंगण को लीपा जाता है, तभी शुध्द होता है हिन्दु धर्म के मान्यता के अनुसार कॊई भी शुभ काम करने के पहले गाय के गोबर से लीपा जाता है पुजा-पाठ आदि में गाय का दुध ही शुध्द मानकर चरणामृत बनाया जाता है । पर्व , तीज त्योहार मे गाय का घी से दिए जलाए जाते है । गाय का घी बहुत महंगा मिलता है। गाय के घी से खांशी वगैरह बीमारी खत्म हो जाती है ।

गाय के गोबर जलाने के काम आते है गाय के गोबर और मुत्र से उर्वरक बनाये जाते है, जिसे हमारे खेत मे डाल दिए जाए तो खेत की फ़सल कई गुना उपज बढ जाती है

गाय एक विशाल शरीर वाला जानवर होता है गाय के मर जाने के बद इसके चमडे से जुते, बेल्ट आदि बनाये जाते है और इसके हड्डीओ से बटन आदि बनाये जाते है

गाय के मुत्र से दवाएं बनाये जाते है, जिसे पीने से पेट के कीडे मर जाते है

गाय के रखरखाव भी बहुत आसान है। इसे साफ़सुथरा खाली जगह मे भी बांध कर रख सकते है इसे खाने के लिए आपको रोजरोज खल्ली और चुन्नी देने की जरुरत नही है गाय खेतों से हरीहरी घार चरके जाएगी

 

आज हमारे देश में गाय की स्थिति बहुत खराप है। गाय एक राजनीति पशु हो गया है एक राजनिति मुदा हो गया है आजकल गाय को काटे जा रहे है। जगहजगह पर गाय के मांस बिक रहे है यह बहुत ही अभिशाप है हमें गाय की रक्षा करनी चाहिए गाय हमारी माता है, इसकी रक्षा करना हम सबका कर्तव्य है

देवता भी गाय को रखते है गाय की जाति कामधेनु है, जो भगवान रखते है ।कृष्ण भगवान भी जब मथुरा में मानव अवतार में जन्म लिए थे तो वो भी गाय का दुध पीते थे और मक्खन चुरा कर खाते थेऔर कहते थे

कवि सुरदास ने बहुत ही अच्चा से भगवान के रुप को चित्रण किया है

मैया मोहि मै नही माखन खाओ, भोर भ्यो गोवन के पाछे मधुवन मोहि पठाओ

Read also :-




Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.